चन्नी समेत वरिष्ठ नेताओं से करेंगे मुलाकात, 5 दिन तक संगठन और चुनावी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले उभरी अंदरूनी खींचतान को सुलझाने के लिए पार्टी हाईकमान पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार दोपहर करीब तीन बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उनका यह दौरा करीब पांच दिनों का होगा, जिसमें वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियों और मौजूदा राजनीतिक हालात का फीडबैक लेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की नाराजगी को देखते हुए हाईकमान ने डैमेज कंट्रोल की रणनीति बनाई है। बघेल सबसे पहले चन्नी से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश करेंगे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग बैठकें होंगी।

छत्तीसगढ़ से रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक चरण में हैं। चुनाव समिति का गठन और यूथ कांग्रेस के चुनाव पूरे हो चुके हैं। अब सभी नेताओं के साथ चर्चा कर चुनावी रणनीति को और मजबूत बनाया जाएगा।

संगठन में बदलाव नहीं, एकजुटता पर जोर

पार्टी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल चुनाव समिति में किसी तरह के फेरबदल की संभावना नहीं है। कांग्रेस नेतृत्व का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चुनावी तैयारियों को गति देने पर है। इसी उद्देश्य से एआईसीसी के सह-प्रभारी हीना कावरे, रविंदर डलवी और सूरज ठाकुर भी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वे भी प्रदेश के नेताओं से बातचीत कर संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे।

राहुल-खरगे को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग इन दिनों नेताओं से लगातार वन-टू-वन बैठकें कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर चन्नी भी अपने समर्थकों के साथ लगातार मंथन में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान की कोशिश चुनाव से पहले सभी मतभेद दूर कर एकजुटता का संदेश देने की है।

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने से पहले पंजाब की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। दौरे के बाद भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंपेंगे। रवाना होने से पहले बघेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।