नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय के गठन से 30 करोड़ से अधिक लोगों और 8.5 लाख से ज्यादा सहकारी संस्थाओं की 75 वर्ष पुरानी मांग पूरी हुई।
सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में शाह ने कहा कि मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत करना और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम तथा प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में किसी भी राज्य ने केंद्र द्वारा अधिकारों में दखल की शिकायत नहीं की।
उन्होंने बताया कि सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में तकनीक और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सहकारी संस्थाओं के लिए रैंकिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जबकि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के माध्यम से बैंकिंग, डेयरी, कृषि और अन्य क्षेत्रों के प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने 135 अन्न भंडारण गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 नए गोदामों का शिलान्यास किया। इसके अलावा 'सहकार वन', एनसीडी 3.0, जियो-टैग मोबाइल एप, सहकार सीबीएस, 'सहकार सहयोगी' एआई प्लेटफॉर्म और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी कई नई पहलों की शुरुआत भी की गई।
समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 50 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का ई-पैक्स में रूपांतरण रहा, जिसे सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया गया। इस दौरान बीबीएसएसएल और आईसीएआर के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
अपने संबोधन में अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती व्यापक स्तर पर मनाएगी।