चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : मोहाली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 35 साल पुराने अपहरण मामले में पंजाब पुलिस के भगोड़े हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में अन्य तीन पुलिसकर्मियों को वर्ष 2023 में सजा सुनाई जा चुकी थी।
15 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तारी
कश्मीर सिंह ट्रायल के दौरान फरार हो गया था, जिसके बाद अदालत ने 21 जुलाई 2010 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। करीब 15 साल बाद सीबीआई ने 12 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया। दोबारा मुकदमा शुरू होने के बाद 2 मार्च 2026 को उस पर आरोप तय किए गए और अब अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।
1991 में हुआ था अपहरण
सीबीआई के अनुसार, 7 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह और कांस्टेबल रावेल सिंह ने कथित तौर पर बलजीत सिंह का अपहरण कर उसे तरनतारन के झबाल थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा था।
परिजनों का दावा है कि वे कई दिनों तक थाने में बलजीत सिंह से मिलते रहे, लेकिन करीब दस दिन बाद पुलिस ने हिरासत में होने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद बलजीत सिंह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका।
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI जांच
पीड़ित की पत्नी ने इंसाफ की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के निर्देश पर 20 मार्च 2006 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया और जांच के बाद 26 अप्रैल 2007 को चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
बाकी तीन आरोपियों को पहले ही मिल चुकी सजा
सीबीआई की विशेष अदालत ने 29 मार्च 2023 को तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह और कांस्टेबल रावेल सिंह को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की सश्रम कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अब कश्मीर सिंह को भी समान सजा मिलने के साथ इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक निपटारा पूरा हो गया।