राम मंदिर दान विवाद के बीच संतों की अपील- निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना जांच किसी को दोषी न ठहराया जाए

अयोध्या (Narendra Singh Danu) : श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अयोध्या के संत-महंत उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। संतों ने ट्रस्ट से अपील की है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच पूरी होने तक उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचा जाए।

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट को सौंप दिया है। इस पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लिया जा सकता है।

'बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं'

बैठक से पहले अयोध्या संत मंडल ने प्रेस वार्ता कर चंपत राय के पक्ष में आवाज उठाई। संतों ने कहा कि राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना न्यायसंगत नहीं होगा।

कोषाध्यक्ष से भी मांगा हिसाब

महंत राघवेश दास वेदांती ने कहा कि दान राशि से जुड़े आरोपों की सच्चाई एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगी। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की भी मांग की, ताकि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।

'राम मंदिर आंदोलन में रहा अहम योगदान'

संतों ने कहा कि चंपत राय वर्षों से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े रहे हैं। उनका कहना था कि जिन्होंने स्वयं निष्पक्ष जांच की मांग की है, उन्हें जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

रामभक्तों से संयम बरतने की अपील

संत मंडल ने रामभक्तों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की। उनका कहना है कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल निष्पक्ष जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।