पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : हरियाणा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मातृशक्ति उद्यमिता योजना संचालित कर रही है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। यह योजना महिलाओं के सपनों को साकार करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र महिलाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपना व्यवसाय शुरू करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बनें।
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि योजना का लाभ 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग की हरियाणा निवासी पात्र महिलाओं को दिया जाएगा, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो तथा वे किसी बैंक की ऋण डिफॉल्टर न हों। योजना के तहत महिलाएं ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, टेलरिंग, फूड स्टॉल, टिफिन सर्विस, पापड़, अचार, बिस्कुट, आइसक्रीम निर्माण, फोटोकॉपी, मिट्टी के बर्तन सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आवेदन के साथ परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो, परियोजना रिपोर्ट, प्रशिक्षण अथवा अनुभव प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करने होंगे।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार की मातृशक्ति उद्यमिता योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक प्रभावी पहल है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पात्र महिला अपने हुनर और क्षमता के आधार पर स्वरोजगार स्थापित करे तथा अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। जिले की सभी पात्र महिलाओं से आग्रह आग्रह है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, सरकारी योजनाओं पर विश्वास करें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। जिला प्रशासन प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।