एस.टी. थॉमस कॉन्वेंट स्कूल में सड़क सुरक्षा, पॉश, पोक्सो व डॉग बाइट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दिए सुरक्षा के गुर

कुरुक्षेत्र (अश्विनी वालिया) : विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में सुरक्षा, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एसटी थॉमस कॉन्वेंट स्कूल, लोटस ग्रीन सिटी, सेक्टर-09, कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को सड़क सुरक्षा, पॉश अधिनियम, पोक्सो अधिनियम एवं डॉग बाइट जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को कानूनी अधिकारों और आपातकालीन स्थितियों में बरते जाने वाले कदमों की विस्तृत जानकारी दी।विद्यालय की प्रबंध निदेशक अंजली मरवाह व प्रधानाचार्या  रजनी वर्मा, उप निदेशक कार्तिकेय मरवाह और इंचार्ज दीपक कुमार ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र पुलिस के रोड सेफ्टी इंचार्ज शेर सिंह ने यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य है। किसी भी 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी वाहन न चलाएं।

उन्होंने कहा कि पॉश अधिनियम 2013 के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और पोस्को अधिनियम 2012 के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच की पहचान और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में 112, 1098 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनें।

डॉक्टर ने सिखाया 'गोल्डन ऑवर' और प्राथमिक उपचार
 
कार्यक्रम संयुक्त सीनियर मेडिकल ऑफिसर *डॉ. कृष्ण दत्त ने सड़क दुर्घटना में 'गोल्डन ऑवर' के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बुनियादी प्राथमिक उपचार, घायल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और पीएम राहत योजना व राजवीर योजना के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी दी।

डॉ. दत्त ने डॉग बाइट जागरूकता पर कहा कि कुत्ते के काटने पर तुरंत 15 मिनट तक घाव को साबुन और बहते पानी से धोएं, एंटी-रेबीज़ के 5 टीके समय पर लगवाएं और किसी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने आवारा पशुओं से दूरी बनाए रखने और आपात स्थिति में शांत रहकर सही निर्णय लेने की सलाह दी।

प्रबंध निदेशक अंजली मरवाह ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति सजगता विकसित करते हैं। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना भी है। कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न भी पूछे।

समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा दोनों मुख्य वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।