बासमती, कृषि मशीनरी और प्रोसेस्ड फूड के निर्यात पर जोर; ताशकंद से विशेषज्ञ बोले- मध्य एशिया पंजाब के लिए बड़ा अवसर

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने तथा नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश के लिए शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मैग्सीपा में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में इन्वेस्ट पंजाब, पंजाब एग्रो, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और पंजाब राज्य खाद्य आयोग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में उज्बेकिस्तान सरकार की निवेश में रुचि पर चर्चा हुई। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि पंजाब के उत्पादों की वहां मांग और संभावनाओं का आकलन करने के लिए पहले स्थानीय बाजार का विस्तृत सर्वे कराया जाए।

फूड सेक्टर बनेगा शुरुआत का आधार

बैठक में खाद्य क्षेत्र को पंजाब और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापारिक सहयोग का सबसे मजबूत शुरुआती माध्यम माना गया। बताया गया कि उज्बेकिस्तान में 15 हजार से अधिक भारतीय छात्र हैं और यह देश सोने का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक होने के साथ एल्यूमीनियम जैसी दुर्लभ धातुओं से भी समृद्ध है। ऐसे में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की अच्छी संभावनाएं हैं।

इन उत्पादों के निर्यात पर जोर

पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने बासमती चावल, कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर, मसाले, सरसों का तेल, पाम ऑयल, देसी घी, चाय पत्ती, स्किम्ड मिल्क पाउडर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, जल संसाधन तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा तथा मार्कफेड और मिल्कफेड के प्रोसेस्ड फूड के निर्यात की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में कच्चे कृषि उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में प्रोसेस्ड फूड का निर्यात दोनों पक्षों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग पर भी चर्चा

बैठक में पंजाब से भेजे जाने वाले उत्पादों के डिस्चार्ज पोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

ताशकंद से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े एआई विशेषज्ञ, उज्बेकिस्तान के वीजा रेजिडेंट और एकाकॉर्प ग्लोबल टेक के जनरल डायरेक्टर योगेश कुमार ने कहा कि मध्य एशियाई बाजार पंजाब के लिए नई और बेहद संभावनाशील मंजिल है। उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।