भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, 181 ट्रांसफार्मर ठप; 5 जुलाई तक तेज बारिश की चेतावनी

शिमला (Narendra Singh danu) हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक के साथ ही तबाही भी शुरू कर दी है। भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य मानसूनी घटनाओं के कारण अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में दो अन्य लोगों की जान गई है। लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है और राज्यभर में 46 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 2 जुलाई के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में दो लोगों की जान गई। इस अवधि में 12 लोग घायल हुए हैं और राज्य को करीब 69.65 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

आंकड़ों के मुताबिक, मानसून से संबंधित मौतों में कांगड़ा में तीन, शिमला में दो, जबकि चंबा, कुल्लू और मंडी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में एक-एक व्यक्ति की जान गई।

46 सड़कें बंद, बिजली-पानी की सेवाएं प्रभावित

लगातार बारिश के चलते प्रदेश में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार कुल्लू में 18, मंडी में 15, सिरमौर में 9, जबकि लाहौल-स्पीति और ऊना में दो-दो सड़कें बंद हैं।

बारिश का असर बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। राज्यभर में 181 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जबकि 6 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

5 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शिमला केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों के लिए 5 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

पांवटा साहिब में सबसे अधिक बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान पांवटा साहिब में सबसे अधिक 100.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कसौली में 86 मिमी, धर्मपुर में 83.4 मिमी, जट्टों बैराज में 77 मिमी, धौलाकुआं में 69 मिमी, पचहड़ में 60 मिमी, रामपुर में 53 मिमी, ऊना में 50.4 मिमी, नाहन में 38.3 मिमी, पालमपुर में 37.8 मिमी और धर्मशाला में 34.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।