चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से नई कार्यकारिणी, वर्किंग प्रेसिडेंट और विभिन्न चुनावी समितियों की घोषणा में उनका नाम शामिल नहीं होने के बाद उन्होंने गुरुवार को एक्स पर एक भावुक टिप्पणी साझा की।
मनीष तिवारी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षा का कोई इलाज होता। कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपनी पूरी वयस्क जिंदगी पार्टी की सेवा में समर्पित की है। क्या होगा, जो होगा, सो होगा।" उनकी इस टिप्पणी को संगठनात्मक फेरबदल के संदर्भ में देखा जा रहा है।
दरअसल, बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर विभिन्न चुनावी समितियों और संगठनात्मक पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की थी। हालांकि, पंजाब की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल और तीन बार सांसद रह चुके मनीष तिवारी को किसी भी समिति या संगठनात्मक जिम्मेदारी में स्थान नहीं मिला।
एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति (कैंपेन कमेटी) का अध्यक्ष बनाया गया है। विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की कमान सौंपी गई है, जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी और अमर सिंह को घोषणा-पत्र (मैनिफेस्टो) समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
मनीष तिवारी वर्तमान में चंडीगढ़ से सांसद हैं। इससे पहले वह आनंदपुर साहिब और लुधियाना संसदीय सीट का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है, हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।