कांग्रेस ने लगाया करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप; एसआईटी जांच पर उठाए सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा है।

वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किए गए पत्र में आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के दुरुपयोग और गबन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट के माध्यम से हुआ है, इसलिए मंदिर प्रशासन में किसी भी कथित अनियमितता की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर पहले भी कई स्तरों पर चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार लोगों ने कथित अनियमितताओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं की।

वेणुगोपाल ने पत्र में यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच से दान की नकदी और आभूषणों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। साथ ही सात से आठ महीने के महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज नष्ट किए जाने का भी आरोप लगाया, जिससे साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई गई है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई देती है, जबकि कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही। उन्होंने एसआईटी की कार्रवाई को "आंखों में धूल झोंकने वाला प्रयास" करार दिया।

कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए तथा उसकी निगरानी उच्चतम न्यायालय करे, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।