सीएम मोहन यादव ने सिवनी के धान महोत्सव में किया ऐलान; यूसीसी प्रस्ताव इसी महीने लाने और किसानों के लिए नई योजनाओं की भी घोषणा

भोपाल (Narendra Singh Danu) : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धान उत्पादक किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य में धान की फसल पर भी भावांतर योजना लागू होगी। इसके तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और बाजार भाव के बीच का अंतर सरकार देगी। उन्होंने यह घोषणा सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव के दौरान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि महाकौशल क्षेत्र की प्रसिद्ध छत्रिय धान को जीआई टैग मिलने से प्रदेश की पारंपरिक कृषि को नई पहचान मिली है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत 3,941 किसानों के खातों में कोदो-कुटकी बोनस के रूप में 2.84 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। वहीं, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी जारी की गई।

सीएम ने सिवनी जिले को 494 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए 629 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। साथ ही बालाघाट-सिवनी फोरलेन सड़क, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मिनी स्टेडियम, नए कॉलेज और अन्य विकास कार्यों की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा, हालांकि जनजातीय समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 10 लाख से अधिक लोगों ने राज्य सरकार के यूसीसी प्रस्ताव का समर्थन किया है।

उन्होंने किसानों से फसल विविधीकरण, पशुपालन और मत्स्य पालन अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्षाकाल के बाद किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने खेत में उतरकर महिलाओं के साथ धान की रोपाई की और किसानों के साथ पारंपरिक 'सिदोरी' भोजन का स्वाद भी चखा। उन्होंने इसे अपने जीवन का पहला धान रोपाई का अनुभव बताते हुए इसे बेहद यादगार बताया।