नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य करने और वार्ता बहाल करने की वकालत करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को भारत सरकार को सलाह देने के बजाय पाकिस्तान की सरकार और सेना पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाना चाहिए।
बुधवार को जारी बयान में चुग ने कहा कि भारत में बैठे कुछ राजनीतिक नेता पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई को नजरअंदाज कर उसके पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ित भारत की पीड़ा को कमतर आंकते हैं और पाकिस्तान के दुष्प्रचार को बल देते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि संबंधित नेता वास्तव में शांति चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान से आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर बंद करने, सीमा पार घुसपैठ रोकने, आतंकवादी संगठनों को मिलने वाला संरक्षण और वित्तीय मदद समाप्त करने तथा आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में छोड़ने की मांग करनी चाहिए।
तरुण चुग ने कहा कि कुछ नेता वर्षों से आतंकवाद के शिकार भारत और आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान के बीच झूठी समानता स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया पाकिस्तान की भूमिका से परिचित है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत की पैरवी करने वालों को पहले मुंबई, पठानकोट, उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों में शहीद हुए जवानों और मारे गए निर्दोष नागरिकों के परिवारों को जवाब देना चाहिए।
चुग ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर मजबूती से कायम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लगातार बेनकाब करता रहेगा।