गरीबों के हितों के खिलाफ है वीबी जी राम जी अधिनियम: कांग्रेस

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAM) योजना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह योजना गरीबों और राज्यों दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। पार्टी का कहना है कि नई व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच खर्च का अनुपात 60:40 होने से राज्यों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा।

कांग्रेस सांसद एवं ग्रामीण विकास संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि उलका ने बुधवार को कहा कि मनरेगा अधिकार आधारित और मांग आधारित योजना थी, जबकि नई योजना में मजदूरी और सामग्री दोनों का खर्च 60:40 के अनुपात में राज्यों को वहन करना होगा। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा जैसे राज्यों को सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे, जबकि रोजगार के दिनों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि नई योजना में ग्राम सभा की भूमिका सीमित कर दी गई है और रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि नई योजना के तहत तय की गई दैनिक मजदूरी अधिकांश राज्यों में करीब 300 रुपये है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 400 रुपये राष्ट्रीय न्यूनतम दैनिक मजदूरी की पक्षधर है, जबकि केंद्र सरकार की गठित समिति भी वर्ष 2019 में 375 रुपये प्रतिदिन की सिफारिश कर चुकी थी।

जयराम रमेश ने कहा कि ग्रामीण मजदूरी में ठहराव आर्थिक विकास के लिए चिंता का विषय है और कांग्रेस मनरेगा के मूल अधिकार आधारित स्वरूप की बहाली के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।