नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के 51वें वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (उप वायुसेना प्रमुख) का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो लगभग चार दशक की सेवा के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हुए। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब वायुसेना आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं तथा मिग-21, मिग-29 और मिराज-2000 समेत 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर करीब 3,300 घंटे की उड़ान का अनुभव रखते हैं। उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक में भी अहम भूमिका निभाई है।
वाइस चीफ बनने से पहले वह 1 मई 2025 से चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इससे पहले वह केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं।
एयर मार्शल दीक्षित ने अपने करियर में वायुसेना मुख्यालय में एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट, प्रोजेक्ट्स और प्लानिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्हें एलसीए मार्क-1ए, एलसीए मार्क-2 और एएमसीए जैसी स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, वायु सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक सहित कई सैन्य सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। नए वाइस चीफ के रूप में वह भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण, नई रक्षा खरीद और 'आत्मनिर्भर भारत' से जुड़ी परियोजनाओं की निगरानी करेंगे।