बठिंडा (Narendra Singh Danu) : पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक राज्य पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और तेज किया जाए।
विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के जरिए नशा सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने और बड़े तस्करों पर कार्रवाई में उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को निर्देश दिए कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई को और मजबूत किया जाए, जनभागीदारी बढ़ाई जाए और गांवों में विश्वास बहाली सुनिश्चित की जाए, ताकि नशे के खिलाफ लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पिछले तीन महीनों में उन्होंने 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां ये समितियां कम सक्रिय हैं, वहां उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और हर जिले में नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि समाज के हर वर्ग का सहयोग लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में नशे की बिक्री न हो और नशे की चपेट में आए लोगों को इस समस्या से बाहर निकाला जा सके।