पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला सचिवालय में बाढ़ तैयारी एवं शमन उपायों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यमुना नदी से सटे संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना नदी के किनारे स्थित 19 गांवों में बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों को लेकर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और ग्रामीण पूरी तत्परता के साथ कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि यमुना से सटे प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उपायुक्त ने कहा कि गांव स्तर पर आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। इसके लिए राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित स्थानों पर निकासी, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी देने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित ग्रामीण किसी भी आपदा के समय प्रशासन का प्रभावी सहयोग कर सकेंगे।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, "संभावित बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। हमारा उद्देश्य केवल राहत कार्य करना नहीं, बल्कि पहले से ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करना है जिससे जन-धन की हानि को पूरी तरह रोका जा सके। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में अपनी तैयारियां पूरी करें तथा यमुना से सटे प्रत्येक गांव में जागरूकता, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल सुनिश्चित करें।"
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बाढ़ की दृष्टि से प्रमुख समस्याएं हैं, उनका विशेष रूप से चिन्हांकन किया जाए। ऐसे संवेदनशील स्थलों का 3 जुलाई को स्वयं निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, नगराधीश टीनू पोसवाल, सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक, डीएसपी सतीश वत्स, जिला राजस्व अधिकारी कनब लाकड़ा, ईओ प्रतीक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, डिप्टी डीईओ नीलम कुंडू, डॉ अशोक लोहान, ईईओ सुधीर, डीआईसी से विकास, फायर ऑफिसर गुरदयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।