एआई से लेकर नए सिनेमाघरों तक, फिल्म उद्योग में निवेश और तकनीक को बढ़ावा देने की तैयारी

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्र सरकार ने भारतीय फिल्म उद्योग को आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों का उद्देश्य फिल्म निर्माण, वितरण और प्रदर्शनी (exhibition) क्षेत्र को अधिक आधुनिक, सरल और निवेश-अनुकूल बनाना बताया गया है।

🎬 प्रसून जोशी की अध्यक्षता में हाई-लेवल स्टडी ग्रुप गठित

सरकार ने भारतीय सिनेमा के भविष्य पर व्यापक अध्ययन के लिए एक उच्चस्तरीय समूह का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता गीतकार और फिल्म विशेषज्ञ प्रसून जोशी करेंगे।

यह समूह इन प्रमुख क्षेत्रों पर सुझाव देगा:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का फिल्म निर्माण में उपयोग
वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीक
फिल्म फंडिंग और निवेश मॉडल
वितरण प्रणाली (Distribution System)
नई डिजिटल तकनीकों का एकीकरण

यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

🎥 छोटे शहरों में सिनेमा हॉल खोलना होगा आसान

दूसरे बड़े फैसले के तहत सरकार ने राज्यों को मॉडल स्टेट सिनेमा रेगुलेशंस भेजे हैं।

इसका उद्देश्य है:

नए सिनेमाघरों की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाना
छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा हॉल बढ़ाना
मनोरंजन उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन देना

सरकार ने राज्यों से इन नियमों को अपनाने की अपील की है ताकि देश में सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो सके।

📊 सरकार का लक्ष्य: वैश्विक स्तर पर मजबूत भारतीय सिनेमा

सरकार का मानना है कि इन दोनों फैसलों से:

फिल्म उद्योग में निवेश बढ़ेगा
नई तकनीकों का उपयोग तेज होगा
छोटे शहरों में मनोरंजन पहुंच बढ़ेगी
और भारतीय सिनेमा की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी

इन कदमों को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के डिजिटल और संरचनात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।