पटियाला (दलजीत अजनोहा) : पंजाब पेंशनर डॉक्टरज़ एसोसिएशन (पी.डी.ए.पी.) ने सेवामुक्त सरकारी डॉक्टरों की लंबे समय से लटकी हुई वित्तीय माँगों का समाधान न होने के विरोध में अपने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डी. सी. शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. डी. एस. भुल्लर और डॉ. आर. एस. सेठी तथा महासचिव डॉ. सुरिंदर सिंग़ला ने संयुक्त बयान में कहा कि हजारों सेवामुक्त सरकारी डॉक्टरों ने अपने जीवन के सबसे कीमती साल पंजाब के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थाओं में लोगों की निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित किए। आज यह डॉक्टर, जो अब वरिष्ठ नागरिक हैं, अपने जीवन के संध्या काल में भी अपने अधिकारों के अनुरूप बनने वाले पेंशन लाभों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
नेताओं ने याद दिलाया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने बड़ी उम्मीदों के साथ उसका फूलों का हार पहनाकर स्वागत किया था। उन्हें आशा थी कि वर्षों से लटकी हुई माँगों का शीघ्र निपटारा होगा। परंतु, बार-बार माँग पत्र देने और भरोसों के बावजूद अभी तक छठे पंजाब वेतन आयोग के बकाये, बकाया महंगाई राहत (डी.आर.), बिना कारण रोकी गई पेंशनों की बहाली, पेंशन संबंधी विसंगतियों का निपटारा और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों को लागू करने जैसी महत्वपूर्ण माँगें अनसुलझी पड़ी हुई हैं।
एसोसिएशन की राज्य नेतृत्व ने पंजाब भर के सभी पेंशनभोगी डॉक्टरों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री पंजाब को व्यक्तिगत रूप से भावपूर्ण पत्र लिखकर उनकी दखलअंदाजी की माँग करें ताकि इन जायज़ और लंबे समय से लटकी हुई माँगों का सहानुभूतिपूर्ण और निश्चित समय के भीतर समाधान किया जा सके।
एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 1 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस को “काला दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर पंजाब भर के पेंशनभोगी डॉक्टर अपनी जायज़ वित्तीय माँगों के समाधान में हो रही बेवजह देरी के विरोध में शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से काली पट्टियाँ बाँधकर अपना रोष व्यक्त करेंगे।
एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की है कि माननीय मुख्यमंत्री सेवामुक्त सरकारी डॉक्टरों के पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षित न्याय दिलाने के लिए तुरंत, मानवीय और ठोस कदम उठाएंगे।