मुंबई (Narendra Singh Danu) : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। सप्ताह के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
सुबह 9:30 बजे तक सेंसेक्स करीब 200 अंक गिरकर 76,910.61 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी लगभग 40 अंक की गिरावट के साथ 24,020 के आसपास था। निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में बिकवाली का सबसे बड़ा दबाव मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में देखने को मिला, जो क्रमशः 0.34 प्रतिशत और 0.55 प्रतिशत तक टूटे। बीएसई के 30 प्रमुख शेयरों में से 13 शेयरों में गिरावट और 17 में तेजी रही।
टॉप लूजर्स में कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर करीब 3 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स सहित अन्य प्रमुख शेयरों में भी करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव हैं। ब्रेंट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई, जहां निक्केई लगभग 1 प्रतिशत और कोस्पी 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला है।
बीएसई के कुल कारोबार में 3,768 शेयरों में से 2,002 शेयर गिरावट में और 1,543 शेयर तेजी में रहे। 124 शेयरों में लोअर सर्किट और 96 शेयरों में अपर सर्किट लगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।