पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : मुख्यमंत्री कार्यालय की सीएम विंडो एवं जनसंवाद पोर्टल और समाधान शिविर पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभाग अनुसर्व शिकायतों के निस्तारण की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले में सीएम विंडो एवं जनसंवाद और समाधान शिविर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आयुक्त एवं सचिव को विश्वास दिलाया कि जिन शिकायतों का समाधान अभी शेष है, उनका भी निर्धारित समय सीमा के भीतर, एक सप्ताह के अंदर निस्तारण सुनिश्चित कर दिया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला सचिवालय सभागार में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक विभाग की पेंडेंसी का विस्तार से अवलोकन किया तथा अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि जिन मामलों का समाधान संभव है, वे अभी तक लंबित क्यों हैं। बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक पेंडेंसी स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने विशेष रूप से वर्ष 2025 से लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाए ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके। उपायुक्त ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें तथा समाधान के बाद पोर्टल पर तथ्यात्मक एवं संतोषजनक रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी समयबद्धता, इसलिए केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल जनता एवं सरकार के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम हैं। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। जिन विभागों में पेंडेंसी है, वे उसकी नियमित समीक्षा करते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी शेष मामलों का निस्तारण करें। विशेष रूप से वर्ष 2025 से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान किया जाए। जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण ही सुशासन की पहचान है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में निगम अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, सीईओ डॉ. किरण, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, नगराधीश टीनू पोसवाल, निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी सतीश वत्स, डीडीए बलवंत सहारण, डीएचओ संदीप, डीईओ राकेश बूरा, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।