अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूकता बढ़ाने का किया आह्वान

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को दोहराने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर सभी को 'नशा मुक्त भारत' बनाने के अपने सामूहिक संकल्प को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने वाले विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास एक मजबूत, स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाएं, नशा छोड़ने की प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों का सहयोग करें और युवाओं को नशे के बजाय स्वस्थ जीवन, उम्मीद और सकारात्मक उद्देश्य चुनने के लिए प्रेरित करें।

वहीं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नार्को-कार्टेल्स पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया है, वहीं नशे से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया गया है।

अमित शाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस देश की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के सामूहिक संकल्प को और अधिक मजबूत करने का अवसर है।