देहरादून (Narendra Singh Danu) : हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और अन्य मार्गों से कुछ निहंग श्रद्धालुओं के देहरादून पहुंचने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार देर रात पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रेमनगर क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई। अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता के बाद सभी निहंग श्रद्धालु शांतिपूर्वक वापस पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) की ओर रवाना हो गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और निहंग श्रद्धालुओं से विस्तार से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और प्रशासनिक पक्ष से अवगत कराया। बातचीत के बाद आपसी सहमति बनी, जिसके तहत सभी श्रद्धालु बिना किसी विवाद के वापस लौटने पर सहमत हो गए।
इस दौरान विकासनगर की ओर से कुछ अन्य निहंग श्रद्धालुओं के देहरादून की ओर बढ़ने की सूचना मिलने पर प्रेमनगर चौक सहित प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए यातायात भी नियंत्रित किया गया, जिससे कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
एहतियात के तौर पर जिले के विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी को बुलाया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात मौके पर डटे रहे और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग के वाहनों को भी तैनात रखा गया।
रात में अचानक बड़ी संख्या में पुलिस वाहनों की आवाजाही और सायरन बजने से प्रेमनगर क्षेत्र में हलचल मच गई। कई दुकानदारों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर दिए, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी घटनास्थल के आसपास पहुंच गए। हालांकि पुलिस की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता के चलते किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
एसएसपी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। अधिकारियों की निहंग श्रद्धालुओं के साथ बातचीत सफल रही और सभी श्रद्धालु शांतिपूर्वक वापस लौट गए, जिसके बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
कर्णप्रयाग विवाद के बाद बढ़ी थी संवेदनशीलता
उल्लेखनीय है कि 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में चार निहंग श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में निहंग श्रद्धालु रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा पहुंचे और अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। लगभग तीन दिन तक चले गतिरोध के बाद पंजाब से पहुंचे प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सहमति बनने पर धरना समाप्त हुआ और श्रद्धालु शांतिपूर्वक लौट गए।
इसी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में गुरुवार देर रात देहरादून में निहंग श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। हालांकि अधिकारियों की समय रहते हुई बातचीत से स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी भी अप्रिय घटना की नौबत नहीं आई।