गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक संपन्न; मनोहर लाल बोले- ऊर्जा आर्थिक विकास की आधारशिला, 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता का लक्ष्य

गुरुग्राम (Narendra Singh Danu) : भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तहत गुरुवार को गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। ‘स्थिति से दृढ़ता से उबरने, नवाचार और सहयोग के लिए निर्माण’ विषय पर आयोजित इस बैठक में सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों, उप मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा की।

बैठक में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चा का केंद्रीय विषय ‘सर्वेषां ऊर्जम्’ (सभी के लिए ऊर्जा) रहा, जिसके तहत ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा तक समान पहुंच और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के लिए विविध ऊर्जा स्रोतों, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता, आपूर्ति शृंखला की मजबूती, स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और किफायती ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही सभी देशों तक सस्ती, विश्वसनीय और स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने, स्वच्छ खाना पकाने के समाधान, वित्तीय सहयोग और विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों पर भी चर्चा हुई।

प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में स्मार्ट ग्रिड, हाइड्रोजन वैल्यू चेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऊर्जा दक्षता, जैव ईंधन, कार्बन कैप्चर तकनीक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय विद्युत एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ऊर्जा आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और मानव कल्याण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को सतत विकास के साथ अपने नागरिकों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन और नीति समर्थन की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक और उपभोक्ता देश बन चुका है। देश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता लगभग 540 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा का योगदान आधे से अधिक है।

मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 3 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 154 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे रूफटॉप सोलर को बढ़ावा मिलने के साथ आम नागरिक भी ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत ने 2032 तक 400 गीगावाट घंटे से अधिक ऊर्जा भंडारण क्षमता और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही देश निर्धारित समय से पहले 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने ‘हाइड्रोजन वैल्यू चेन 2026’ पर संयुक्त रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के प्रयासों की भी सराहना की। यह रिपोर्ट हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी, मानकों, औद्योगिक उपयोग और भविष्य की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।