चंडीगढ़ में कई किसान-मजदूर संगठनों की बैठक, 1 जुलाई को रणनीति तय होगी; बोले- कृषि, पशुपालन और रोजगार से समझौता स्वीकार नहीं

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों ने संयुक्त संघर्ष का ऐलान कर दिया है। गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर कहा कि यदि सरकार ने किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज किया तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

बैठक में एसकेएम (गैर-राजनीतिक), एकेएमएम (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा, किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा हरियाणा, राष्ट्रीय किसान महासंघ और ऑल इंडिया एमएसपी मोर्चा समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से किसान नेता भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद किसान नेताओं गुरनाम सिंह चढूनी, बलबीर सिंह राजेवाल, वी.एम. सिंह, सरवन सिंह पंधेर, गिरजा नंद, सुरजीत सिंह फूल और काका सिंह कोडरा ने संयुक्त रूप से कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों, पशुपालकों, मजदूरों और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है। इसलिए सभी संगठनों ने अपने मतभेद भुलाकर एक मंच से संघर्ष करने का फैसला लिया है।

नेताओं ने बताया कि आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए 1 जुलाई 2026 को किसान भवन, सेक्टर-35ए, चंडीगढ़ में सभी सहभागी संगठनों के पांच-पांच प्रमुख प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा, कार्यक्रमों और आगामी चरणों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि देश की कृषि, पशुपालन, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो संयुक्त मोर्चा देशभर में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।