चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चल रही ‘आशीर्वाद योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 16.74 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। इस योजना के तहत कुल 3,282 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय सरकार की मानवीय और सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर राहत देना है।
सीधे खातों में भेजी जा रही राशि
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़े जारी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गरीब परिवार को बेटी के विवाह के समय आर्थिक बोझ या कर्ज का सामना न करना पड़े।
14 जिलों के लाभार्थी शामिल
आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर 14 जिलों के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है। इनमें अमृतसर, जालंधर, कपूरथला, पटियाला, पठानकोट, बठिंडा, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, फरीदकोट, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर और मालेरकोटला शामिल हैं।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक लाभ अमृतसर (1,178 परिवार) और जालंधर (877 परिवार) को मिला है।
योजना की शर्तें और पात्रता
आशीर्वाद योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹51,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना आवश्यक है और परिवार की वार्षिक आय ₹32,790 से कम होनी चाहिए।
यह लाभ अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को दिया जाता है, तथा एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
सरकार का दावा—सामाजिक सुरक्षा पर जोर
मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान और राहत दोनों सुनिश्चित करती है।