चंडीगढ़/एसएएस नगर/मोहाली (Narendra Singh Danu) : पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा है कि विदेशों में बसे पंजाबियों से संबंधित प्रत्येक मामले का निपटारा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
मोहाली स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘एनआरआई मिलनी-2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं को सीधे सुनना और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करना है।
कार्यक्रम में एसएएस नगर (मोहाली), रूपनगर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब जिलों से बड़ी संख्या में प्रवासी पंजाबी शामिल हुए। इस अवसर पर एनआरआई मामलों के सचिव मोहम्मद तैयब, एडीजीपी एनआरआई विंग आर.के. जैसवाल, पटियाला मंडल के आयुक्त विनय बुबलानी, विशेष सचिव अमनदीप कौर, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, एसएसपी रूपनगर मनिंदर सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विदेशों में बसे पंजाबी पंजाब की पहचान के दूत
मीडिया से बातचीत में डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि प्रवासी पंजाबी अपनी मातृभूमि, संस्कृति और विरासत से गहरा जुड़ाव रखते हैं तथा उन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों में पंजाब और भारत की पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुरूप एनआरआई मामलों की सुनवाई और निपटारे को प्राथमिकता दी जा रही है।
चार वर्षों में 25 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान
मंत्री ने बताया कि जनवरी 2022 से मई 2026 तक एनआरआई विभाग को कुल 26,828 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 25,870 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस अवधि के दौरान 1,187 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 1,451 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार एनआरआई समुदाय से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
संपत्ति और वैवाहिक विवाद प्रमुख शिकायतें
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि प्रवासी पंजाबियों की अधिकांश शिकायतें संपत्ति विवाद, जमीनों पर अवैध कब्जे, दस्तावेजों में त्रुटियां तथा वैवाहिक मामलों से संबंधित होती हैं। विभाग को प्रतिवर्ष लगभग 5,000 से 6,000 शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनमें से बड़ी संख्या का समाधान आपसी सहमति या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों की वह स्वयं निगरानी कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कॉन्ट्रैक्ट मैरिज और फर्जी दस्तावेजों का मुद्दा गंभीर
कनाडा में कथित ‘कॉन्ट्रैक्ट मैरिज’ तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्क परमिट या स्थायी निवास (पीआर) हासिल करने के मामलों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह गंभीर और राष्ट्रीय महत्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है, लेकिन पंजाब में ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान के लिए पंजाब सरकार केंद्र सरकार के समक्ष राज्य का पक्ष मजबूती से रखेगी।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि प्रवासी पंजाबियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार और एनआरआई समुदाय के बीच संपर्क को और मजबूत किया जाएगा।