देहरादून (NarendraSingh Danu) : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके Jagat Prakash Nadda ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अब केवल सरकार का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का साझा संकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज देश एक समान उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि किसी भी देश के आर्थिक विकास की आधारशिला उसके नागरिकों का स्वास्थ्य होता है। उन्होंने कहा, “जब लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा तो उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और इसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
देश में बदली है सोच और कार्य संस्कृति
नड्डा ने कहा कि एक समय ऐसा था जब लोगों को लगता था कि व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है, लेकिन पिछले एक दशक में देश की सोच और कार्य संस्कृति में व्यापक परिवर्तन आया है। अब देश में ‘हम कर सकते हैं और हम करेंगे’ की भावना विकसित हुई है, जिसने विकास और सुशासन को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि लगभग 12-13 वर्ष पहले आम नागरिकों के मन में निराशा का भाव था, लेकिन आज देश आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।
उपचार से आगे बढ़कर रोकथाम पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। पहले स्वास्थ्य सेवाओं का फोकस केवल बीमारी के इलाज तक सीमित था, लेकिन अब सरकार ने उपचार के साथ-साथ बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप को भी प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवारक उपायों को मजबूत करने से न केवल लोगों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में भी कमी आएगी।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि AIIMS Rishikesh देश के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल हो चुका है और ऊधमसिंह नगर में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से इसका सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में 124 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक विकसित किया गया है। इसके अलावा अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चार नए मेडिकल कॉलेज विकसित किए जा रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष पहल
मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए नड्डा ने कहा कि लंबे समय तक इस क्षेत्र को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। कई लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को स्वीकार करने या सार्वजनिक रूप से साझा करने में संकोच करते हैं।
उन्होंने बताया कि इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने ‘टेली-मानस’ पहल शुरू की है, जिसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को टोल-फ्री सेवा के जरिए विशेषज्ञ परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिक ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।