चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री Rajesh Nagar ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि जिन राशन डिपो के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए हैं, उनके उपभोक्ताओं को निकटवर्ती डिपो से जोड़े जाने की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी लाभार्थी को राशन लेने में परेशानी न हो।
'वन नेशन, वन राशन कार्ड' पर विशेष जोर
राजेश नागर ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब पीओएस मशीनों का डाटा आधार प्रणाली से अपडेट किया जाए तथा उनमें आई-स्कैनर और फेस-स्कैनर जैसी आधुनिक तकनीकें भी जोड़ी जाएं।
समय पर मिले डिपो संचालकों को भुगतान
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन डिपो संचालकों की मार्जिन मनी हर माह की 10 तारीख तक उनके खातों में पहुंच जानी चाहिए। इसके अलावा डिपो के स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष टीम गठित करने और महीने में कम से कम चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
1.57 करोड़ लाभार्थियों को मिलता है राशन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में अंत्योदय अन्न योजना और बीपीएल श्रेणी के लगभग 40 लाख परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े हुए हैं। इनके अंतर्गत करीब 1.57 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार और 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।
अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का होगा अध्ययन
राजेश नागर ने अधिकारियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान की सार्वजनिक वितरण प्रणालियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि इन राज्यों में राशन उपभोक्ताओं को खाद्यान्न के अलावा कौन-कौन सी अतिरिक्त सुविधाएं और वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भुगतान के लिए बनेगा विशेष पोर्टल
विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे. गणेशन ने बैठक में जानकारी दी कि राशन डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।