होशियारपुर (दलजीत अजनोहा) : इलेक्ट्रो होम्योपैथी के जनक माने जाने वाले महान चिकित्सक एवं वैज्ञानिक डॉ. काउंट सीजरे मैटी की जयंती के अवसर पर वरिष्ठ संवाददाता दलजीत अजनोहा द्वारा इलेक्ट्रो होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. जसबीर परमार अजनोहा के साथ एक विशेष बातचीत आयोजित की गई। इस दौरान इलेक्ट्रो होम्योपैथी से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बातचीत के दौरान डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी एक प्राकृतिक एवं सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है, जिसमें औषधीय पौधों से तैयार दवाओं का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पद्धति शरीर के रक्त एवं लसीका तंत्र (लिम्फेटिक सिस्टम) को संतुलित करके रोगों के मूल कारणों पर कार्य करने का प्रयास करती है।
उपचार पद्धति से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में डॉ. परमार ने कहा कि दवाओं के साथ-साथ उचित परहेज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा नशे से दूर रहना रोगियों के लिए लाभदायक सिद्ध होता है और उपचार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अब तक के उपचार परिणामों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. परमार ने कहा कि कई ऐसे मरीज, जो लंबे समय से विभिन्न बीमारियों से पीड़ित थे, उन्हें इस चिकित्सा पद्धति से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास इलेक्ट्रो होम्योपैथी के प्रति लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं।
भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए डॉ. परमार ने कहा कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी के क्षेत्र में शोध, जन-जागरूकता और वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार दलजीत अजनोहा ने डॉ. काउंट सीजरे मैटी के चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा विकसित की गई चिकित्सा पद्धति आज भी दुनिया भर में लाखों लोगों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा के लिए डॉ. मैटी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
यह विशेष बातचीत इलेक्ट्रो होम्योपैथी की उपचार पद्धति, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुई।