नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : नई दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann से जुड़े कथित वीडियो विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा नेता R. P. Singh ने दावा किया है कि Gurugram Police की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर में फर्जी फॉरेंसिक साक्ष्य तैयार कर मुख्यमंत्री को बचाने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है।
आरपी सिंह के मुताबिक, डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0263 में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में जालसाजी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनका आरोप है कि वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराई गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने स्वतंत्र साइबर और फॉरेंसिक लैब के नाम पर रिपोर्ट तैयार की, लेकिन अब उन संस्थाओं की वैधता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा का कहना है कि यह मामला सिर्फ वीडियो विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और दस्तावेजों की कथित जालसाजी से भी जुड़ा हो सकता है।
आरपी सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए गंभीर मामला होगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की है।
फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच जारी है और अभी तक अदालत या जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।