बठिंडा (Narendra Singh Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धार्मिक, राजनीतिक और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। मौड़ हलके के गांव मंडी कलां में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख और पंजाबी के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग कर रहे हैं।
🔴 SGPC चुनाव और धार्मिक संस्थाओं पर बयान
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव जल्द कराने की मांग की।
उन्होंने कहा:
14 साल से चुनाव नहीं हुए
संस्था की स्थिति कमजोर हो गई है
धार्मिक संस्थाओं का राजनीतिक उपयोग नहीं होना चाहिए
⚖️ बेअदबी पर सख्त कानून
मान सरकार द्वारा लाए गए
जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026 का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया:
बेअदबी पर 10 साल से उम्रकैद तक सजा
50 लाख रुपये तक जुर्माना
जुर्माना न देने पर संपत्ति जब्त
उन्होंने कहा कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मजबूत कदम होगा।
🏗️ विकास और घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने गांव मंडी कलां के लिए:
50 लाख रुपये की ग्रांट
नई लाइब्रेरी
55 साल पुरानी धर्मशाला का नवीनीकरण
साथ ही राज्य में:
नहरी सिंचाई का विस्तार
दिन में किसानों को बिजली
शिक्षा सुधार
👩 महिलाओं के लिए योजना
मांवां-धीयां सम्मान योजना के तहत:
18+ महिलाओं को ₹1000 प्रति माह
SC वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह
लाभ 1 जुलाई से शुरू
⚡ बिजली, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री के अनुसार:
90% घरों को मुफ्त बिजली
68,000 से ज्यादा युवाओं को नौकरी
टोल प्लाजा बंद होने से रोजाना ₹70 लाख की बचत
सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग 22% से बढ़कर 80%+
🏫 शिक्षा और स्वास्थ्य
उन्होंने दावा किया कि:
पंजाब शिक्षा में देश में पहले स्थान पर पहुंचा
स्मार्ट क्लास, टीचर ट्रेनिंग पर जोर
स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज
🗣️ विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्ष, खासकर अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा:
धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया
माफिया को संरक्षण मिला
कांग्रेस में आंतरिक कलह है और विजन की कमी
📌 कुल मिलाकर
यह भाषण केवल धार्मिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें:
धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता
सख्त कानून
सामाजिक योजनाएं
विकास और शिक्षा सुधार
जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार धार्मिक सम्मान, पारदर्शिता और विकास—तीनों पर समान रूप से काम कर रही है।