राजेश बाघा बोले, संत निरंजन दास जी को ‘पद्म श्री’ मिलना पूरे रविदासिया समाज के लिए गर्व का क्षण

होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : राजेश बाघा पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष, बीजेपी पंजाब के उपाध्यक्ष और ब्रिटिश रविदासिया हेरिटेज फाउंडेशन (यूनाइटेड किंगडम) की भारतीय शाखा के अखिल भारतीय अध्यक्ष ने कहा कि समूचे रविदासिया समाज, संत समाज एवं मानवता में विश्वास रखने वाले करोड़ों अनुयायियों के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का दिन है। भारत सरकार द्वारा महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के कर-कमलों द्वारा परम पूज्य सतगुरु निरंजन दास जी महाराज (गद्दी नशीन, डेरा सचखंड बल्लान) को ‘पद्म श्री’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान पूज्य सतगुरु जी के 75 वर्षों के आध्यात्मिक मार्गदर्शन, त्याग, समाज सेवा और मानवता के प्रति निस्वार्थ योगदान का राष्ट्र द्वारा किया गया अभिनंदन है। सतगुरु जी ने "मन चंगा तो कठौती में गंगा" के सिद्धांत पर चलते हुए जात-पात, ऊँच-नीच से ऊपर उठकर समता, बंधुत्व और मानव कल्याण का संदेश पूरी दुनिया में फैलाया। डेरा सचखंड बल्लान आज शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का वैश्विक केंद्र बन चुका है। मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ* जिन्होंने संत परंपरा और समाज के वास्तविक नायकों को पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिया। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना को चरितार्थ करते हुए मोदी सरकार ने यह सिद्ध किया है कि राष्ट्र निर्माण में संतों-महापुरुषों का योगदान सर्वोपरि है। सतगुरु निरंजन दास जी महाराज को यह सम्मान मिलना हर उस व्यक्ति का सम्मान है जो मानवता की सेवा में लगा है। यह अवॉर्ड गुरु रविदास जी महाराज की बाणी "ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न" के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

समस्त संगत को, रविदासिया समुदाय को एवं देशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की लख-लख बधाइयाँ। हम सब पूज्य सतगुरु जी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की अरदास करते हैं, ताकि उनकी रहनुमाई में समाज यूं ही प्रगति के पथ पर चलता रहे।