1 जनवरी 2025 तक बसे झुग्गी परिवारों के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा आवासीय फैसला

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : नई दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की 36वीं बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में तय किया गया कि 1 जनवरी 2025 तक बनी सभी पात्र झुग्गी बस्तियों के निवासियों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा।

इस फैसले से राजधानी के करीब 4–5 लाख परिवार (लगभग 20 लाख लोग) पक्के घर पाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि झुग्गीवासियों को बहुमंजिला फ्लैट्स में शिफ्ट किया जाए, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।

बैठक में आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह निर्णय केंद्र सरकार की नई नीति ‘दिल्ली स्लम एवं जेजे क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026’ के अनुरूप लिया गया है, जिसकी समीक्षा हाल ही में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम केवल मकान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का घर’ संकल्प को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

फैसले की मुख्य बातें:
नई कट-ऑफ तारीख: 1 जनवरी 2025
लाभार्थी: 4–5 लाख परिवार
मकान: बहुमंजिला फ्लैट्स, सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ
नीति सिद्धांत: “जहां झुग्गी, वहीं मकान”
सुविधाएं: स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क आदि

सरकार का कहना है कि नई पुनर्वास कॉलोनियों में सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए सामाजिक और नागरिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। साथ ही, पारिवारिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए एक ही परिवार की अलग-अलग इकाइयों को भी पुनर्वास में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह फैसला दिल्ली में शहरी गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।