इंटेंसिफाइड पल्स पोलियो अभियान, स्टॉप डायरिया कैंपेन व एचपीवी टीकाकरण की तैयारियों को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित

होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन की अध्यक्षता में इंटेंसिफाइड पल्स पोलियो इम्यूनाइजेशन अभियान, स्टॉप डायरिया कैंपेन और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा के लिए जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल, एस.पी. डा. मनप्रीत शींहमार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग, विभिन्न विभागों के प्रमुख, सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ये तीनों जन स्वास्थ्य कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने, डायरिया के कारण होने वाली बाल मृत्यु दर को कम करने तथा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को सफल बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता गतिविधियों को और तेज करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र लाभार्थी इन सेवाओं से वंचित न रहे।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि 28, 29 और 30 जून को जिले में इंटेंसिफाइड पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के 1,26,186 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले दिन पोलियो बूथों के माध्यम से बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि अगले दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे जमीनी स्तर पर निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से इन अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को इन स्वास्थ्य अभियानों के सफल संचालन के लिए पूरा सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने कहा कि पोलियो एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो बच्चों में स्थायी अपंगता का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा मिल चुका है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की बूंदें पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करें।

जानाकारी देते हुए डॉ. मनदीप कमल ने बताया कि 16 से 30 जून तक चलाए जा रहे स्टॉप डायरिया कैंपेन का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर को कम करना है। उन्होंने कहा कि ओआरएस और जिंक का समय पर उपयोग बच्चों की जान बचाने में प्रभावी साबित होता है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों, आम आदमी क्लीनिकों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और हाथ धोने की आदतों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से तीनों कार्यक्रमों की जिला स्तरीय प्रगति, माइक्रोप्लानिंग, टीमों की तैनाती, वैक्सीन उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन जिले में 799 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 753 फिक्स्ड बूथ, 25 ट्रांजिट बूथ और 21 मोबाइल टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा 1598 टीमें, 3196 टीम सदस्य और 175 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो लगभग 3.52 लाख घरों तक पहुंचकर प्रत्येक पात्र बच्चे को कवर करेंगे।

डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि ईंट भट्टों, प्रवासी मजदूरों की बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों तथा अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर टीकाकरण के माध्यम से इस गंभीर बीमारी की रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पात्र आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी टीके से कवर करने के लिए विशेष योजना के तहत कार्य कर रहा है तथा स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्रमुख, सभी एस.एम,ओज, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।