जालंधर (Narendra Singh Danu) : शहर में विदेश भेजने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां एक ट्रैवल कंसल्टेंट बिना लाइसेंस के पिछले चार वर्षों से लोगों को ठग रहा था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी शहर में एक-दो नहीं बल्कि चार अलग-अलग स्थानों पर ऑफिस चला रहा था, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने छोटी बारादरी, गढ़ा रोड, सहदेव मार्केट और ग्रैंड मॉल सहित कई जगहों पर अपने दफ्तर खोल रखे थे। इतना ही नहीं, बीएमसी चौक के पास भी उसका एक और ऑफिस संचालित हो रहा था। इन दफ्तरों के जरिए वह लोगों को विदेश भेजने के नाम पर झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठता रहा।
60 से ज्यादा शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं
बताया जा रहा है कि इस कंसल्टेंट के खिलाफ एंटी-फ्रॉड सेल में 60 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्क परमिट के नाम पर बड़ा खेल
आरोपी का ठगी का तरीका भी बेहद शातिराना था। वह वर्क परमिट के नाम पर क्लाइंट से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलता था, लेकिन कागजों में केवल 40 हजार रुपये का ही एग्रीमेंट दिखाता था। काम न होने पर वह सिर्फ वही रकम लौटाता और बाकी रकम हड़प लेता था।
पैसों से बनाई करोड़ों की संपत्ति
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने ठगी के पैसों से पॉश इलाके मॉडल टाउन में करीब ढाई करोड़ रुपये की कोठी भी बना ली है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
सोशल मीडिया के जरिए फंसाता था लोग
यह तथाकथित कंसल्टेंट सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को आकर्षित करता था। बड़े-बड़े दावे और आसान वीजा का लालच देकर वह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता और फिर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
‘गुरु’ को भी लगाया चूना
दिलचस्प बात यह है कि आरोपी को इस काम में लाने वाले व्यक्ति को भी उसने नहीं बख्शा। सूत्रों के अनुसार, जिसने उसे इस कारोबार में स्थापित किया, उसी के साथ भी बाद में धोखाधड़ी कर उसने अलग नेटवर्क खड़ा कर लिया।
फिलहाल मामले में जल्द बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आगे किसी और को ठगी का शिकार न होना पड़े।