प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक, फीस वृद्धि सीमा तय

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वार्षिक फीस बढ़ोतरी की सीमा तय कर दी है।

सरकार के नए आदेश के अनुसार, राज्य के सभी अनएडेड (बिना सहायता प्राप्त) निजी शैक्षणिक संस्थान अब हर साल अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। इससे अधिक वृद्धि की अनुमति नहीं होगी। यह नियम पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों पर लागू होगा।

इसके अलावा, यदि किसी स्कूल ने पिछले 36 महीनों में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो उसे अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फीस बढ़ाने से पहले स्कूलों को निर्धारित समिति के समक्ष छह महीने पहले आवेदन करना होगा। साथ ही, संस्थानों को वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत कर यह बताना होगा कि फीस बढ़ाने की आवश्यकता क्यों है।

नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। पांचवीं तक के स्कूलों के लिए पहली बार 50 हजार और दूसरी बार 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। आठवीं तक के स्कूलों के लिए यह जुर्माना क्रमशः 1 लाख और 3 लाख रुपये होगा, जबकि बारहवीं तक के स्कूलों के लिए पहली बार 2 लाख और दूसरी बार 5 लाख रुपये का दंड निर्धारित किया गया है।

तीसरी बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस निर्णय से अभिभावकों को राहत मिलेगी और निजी स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर की जाने वाली मनमानी पर रोक लगेगी।