फिशरीज सेक्टर में निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

भोपाल (Narendra Singh Danu) : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि राज्य की एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के तहत मछली पालन क्षेत्र में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है।

सोमवार को मंत्रालय में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2.91 लाख से अधिक केज (केज कल्चर इकाइयों) के प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मोती उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए अन्य राज्यों की सर्वोत्तम पद्धतियों का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले ढाई वर्षों में मछली बीज के बाहरी स्रोतों पर निर्भरता समाप्त करने का लक्ष्य रखा जाए।

उन्होंने प्रत्येक जिले में हैचरी विकसित करने, कोल्ड चेन और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने तथा ब्रांडिंग और निर्यात के लिए नेटवर्क विकसित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही नदियों के पुनर्जीवन और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर बल दिया।

बैठक में यह भी बताया गया कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अंतर्देशीय जल क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। वहीं, सिवनी जिले को वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्देशीय मत्स्य पालन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

बैठक में राज्य मंत्री नारायण सिंह पवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।