समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण के लिए ‘पंच परिवर्तन’ को अपनाना आवश्यक : हरिश्चंद्र

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : Rashtriya Swayamsevak Sangh के उत्तर क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरिश्चंद्र ने दिल्ली में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में स्वयंसेवकों और समाज से ‘पंच परिवर्तन’ अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने जिन पांच मूल बिंदुओं पर जोर दिया, वे हैं:

सामाजिक समरसता – समाज में भेदभाव खत्म कर एकता बढ़ाना।
परिवार प्रबोधन – परिवार को संस्कार और मूल्य आधारित बनाना।
पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली – प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन अपनाना।
नागरिक कर्तव्यों का पालन – अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूकता।
स्वदेशी के प्रति प्रतिबद्धता – स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।

कार्यक्रम में उन्होंने Keshav Baliram Hedgewar के जीवन और विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में 83,000 से अधिक शाखाएं और 1.77 लाख से ज्यादा सेवा परियोजनाएं संचालित हो रही हैं।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डॉ. शैलजा गुप्ता ने संघ की अनुशासन, समयपालन और सामूहिकता की कार्यशैली की सराहना की।

यह आयोजन Delhi के वसंत विहार स्थित ललित महाजन विद्यालय में हुआ, जहां 159 शिक्षार्थियों ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण में भाग लिया।