नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइबर ठगी से जुड़े हर पीड़ित को समय पर सहायता मिलनी चाहिए और किसी भी शिकायत की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
गृह मंत्री ने अधिकारियों को हेल्पलाइन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों से लैस करने को कहा, ताकि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तेज हो, कॉल सही एजेंसी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित 1930 कॉल सेंटरों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े केंद्रीकृत कॉल सेंटर स्थापित करने की बात कही, जो उन कॉल्स को संभालेगा जो राज्य स्तर पर रिसीव नहीं हो पातीं, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे।
बैठक में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए विकसित नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली की भी समीक्षा की गई। इस प्रणाली के माध्यम से बैंकों के सहयोग से ठगी की रकम को समय रहते रोकने और पीड़ितों को वापस दिलाने में मदद मिल रही है।
Amit Shah ने बताया कि अब तक इस व्यवस्था से लगभग एक लाख लोगों को राहत मिल चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराधी अक्सर ‘म्यूल बैंक खातों’ का इस्तेमाल करते हैं, जिन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकारों, पुलिस एजेंसियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए साइबर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।