कोलकाता (Narendra Singh Danu) : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी क्षेत्र से जुड़ी कुख्यात माओवादी नेता पुष्पा उर्फ शकुंतला उर्फ वर्षा ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। उसने कोलकाता के लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया।
करीब 2001 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रही पुष्पा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की सदस्य थी और झारखंड-ओडिशा-बिहार सीमावर्ती सारंडा वन क्षेत्र से संचालित होती थी। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
🔹 आत्मसमर्पण के दौरान बरामदगी
पुलिस ने उसके पास से:
एक SLR राइफल
एक मैगजीन
37 राउंड जिंदा कारतूस
बरामद किए हैं।
🗣️ क्यों छोड़ा माओवादी रास्ता?
पुलिस आयुक्त अजय नंद की मौजूदगी में पुष्पा ने कहा कि:
मौजूदा हालात में माओवादी आंदोलन आगे नहीं बढ़ पाएगा
सरकार की पुनर्वास नीति और परिवार के साथ रहने की सुविधा ने उसे प्रेरित किया
📉 लगातार कमजोर हो रहा नेटवर्क
हाल के महीनों में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं:
झारखंड क्षेत्र की वरिष्ठ माओवादी श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला की गिरफ्तारी
हुगली के माधाई पात्र का आत्मसमर्पण
👉 सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार आत्मसमर्पण और कार्रवाई से माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है, और कई सदस्य अब सामान्य जीवन अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं