कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा मामले में पारदर्शिता की मांग की

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में देश की आस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ हुआ है।

मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने मंदिर से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर गंभीर सवाल उठाए। अजय राय ने आरोप लगाया कि शिलापूजन के नाम पर बड़े पैमाने पर धन एकत्र किया गया, लेकिन उसका कोई पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इसे 1400 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित अनियमितता करार दिया।

कांग्रेस नेताओं ने भूमि खरीद, निर्माण कार्य और चढ़ावे से जुड़े लेन-देन में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि जांच ऐसे अधिकारी को क्यों सौंपी गई है, जिसके खिलाफ पहले से अन्य मामलों में जांच लंबित है।

आराधना मिश्रा ने दावा किया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान सस्ती जमीन खरीदकर ट्रस्ट को ऊंचे दामों पर बेची गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर के आसपास की भूमि आवंटन प्रक्रिया में नियमों में बदलाव कर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाया गया।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहली ही बारिश में सड़क धंसने और गर्भगृह में पानी टपकने जैसी घटनाएं सामने आईं, जो गंभीर चिंता का विषय हैं।

कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े ऐसे विषयों में जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।