होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : माननीय डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर श्रीमती आशिका जैन, आई.ए.एस. तथा डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. स्वाति शीमार के दिशा-निर्देशों अनुसार जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र होशियारपुर द्वारा जुवेनाइल होम/ऑब्जर्वेशन होम में नशाखोरी के दुष्प्रभावों, इसकी रोकथाम तथा उपलब्ध उपचार सुविधाओं के बारे में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र से मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. जसलीन कौर, काउंसलर प्रशांत तथा जुवेनाइल होम के सुपरिटेंडेंट श्री पुनीत कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. जसलीन कौर ने संबोधित करते हुए कहा कि नशाखोरी वर्तमान समय की एक गंभीर सामाजिक एवं मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जो न केवल नशा करने वाले व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशे की लत एक ऐसी बीमारी है, जिसका समय पर उपचार, काउंसलिंग एवं पारिवारिक सहयोग के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रबंधन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे की शुरुआत अक्सर तंबाकू और सिगरेट जैसी आदतों से होती है, जिसके कारण तंबाकू को अन्य नशों की ओर ले जाने वाला “गेटवे ड्रग” भी माना जाता है। तंबाकू में हजारों हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं, जिनमें कई कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व शामिल हैं। तंबाकू का सेवन हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों, सांस संबंधी समस्याओं, कैंसर तथा शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य सभी प्रकार के नशों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
डॉ. जसलीन कौर ने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह व्यक्ति की पढ़ाई, रोजगार, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों से घृणा करने की बजाय उन्हें सही उपचार और काउंसलिंग के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इस अवसर पर काउंसलर प्रशांत ने बताया कि नशा एक लंबे समय तक चलने वाली तथा दोबारा होने वाली बीमारी है, जिसका उपचार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने टेली-मानस सेवा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और नशे संबंधी सलाह एवं काउंसलिंग के लिए 24 घंटे चलने वाली नि:शुल्क हेल्पलाइन 14416 और 1800-89-14416 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला स्तर पर सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 85580-01882 उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिला होशियारपुर में सिविल अस्पताल होशियारपुर तथा सब-डिविजनल सिविल अस्पताल दसूहा में नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां नशा प्रभावित व्यक्तियों का 15 से 21 दिनों तक डिटॉक्सिफिकेशन उपचार किया जाता है। इसके बाद आवश्यकता अनुसार मरीजों को सरकारी पुनर्वास केंद्र, मोहल्ला फतेहगढ़ होशियारपुर में 90 दिनों के लिए भर्ती करके उपचार के साथ-साथ पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यहां मरीजों को व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन और रेड क्रॉस के सहयोग से विभिन्न प्रशिक्षण कोर्स भी करवाए जाते हैं, ताकि वे समाज में पुनः आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग पंजाब द्वारा जिला, सब-डिविजन और सी.एच.सी. स्तर पर ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिक चलाए जा रहे हैं, जहां मरीज एवं परिवार की लिखित सहमति के उपरांत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दवा आधारित उपचार शुरू किया जाता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ओ.एस.टी. केंद्रों में इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वाले व्यक्तियों के लिए विशेष उपचार और सहायता सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।
शिविर के अंत में उपस्थित सभी युवाओं एवं स्टाफ सदस्यों को नशा मुक्त रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।