अमृतसर (Narendra Singh Danu) : अमृतसर में मजीठा थाना विवाद से जुड़े मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता Bikram Singh Majithia को अदालत से राहत मिली है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका शर्मा की अदालत ने मजीठिया सहित उनके दो सहयोगियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
इससे पहले इस मामले से जुड़े अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को जांच के बाद निर्दोष पाते हुए रिहा किया जा चुका है। वे एक एफआईआर की प्रति प्राप्त करने थाना मजीठा पहुंचे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में मामले पर विवाद बढ़ने के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और जांच के उपरांत उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।
पृष्ठभूमि में नगर निगम चुनाव से जुड़ा विवाद
मामले की शुरुआत नगर निगम चुनाव की मतगणना के दौरान हुई घटना से मानी जा रही है। आरोप है कि अकाली समर्थक जोबनप्रीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था और इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी गई थी। इसके विरोध में मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे, जहां उन्होंने धरना दिया।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान समर्थकों सहित मजीठिया थाने के भीतर प्रवेश कर गए और हिरासत में रखे गए व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा एक सब-इंस्पेक्टर का मोबाइल छीनने और कुछ दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें
बचाव पक्ष ने आरोपों को अस्वीकार करते हुए कई कानूनी और तथ्यात्मक आपत्तियां दर्ज कराईं। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली।
हालांकि जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर लगातार चर्चा में बना हुआ है।