कुरुक्षेत्र (परमिंदर सिंह) : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत एवं चिंतन शिविर का शुभारंभ आज विभिन्न खापों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, युवा प्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम में देशवाल खाप, माजरा खाप, कंडेला खाप, उझाना खाप, दहिया खाप, दहाड़न खाप, सहारण खाप, नरवाल खाप सहित उत्तर भारत की अनेक खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सामाजिक एकता एवं समाज सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शिविर के प्रथम दिवस का मुख्य विषय “युवाओं का नैतिक पतन, बढ़ती नशाखोरी एवं सामाजिक भटकाव” रहा। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व से दूरी तथा जीवन के स्पष्ट लक्ष्यों के अभाव के कारण समाज में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, जिनके समाधान हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान चौ. कृष्ण श्योकंद, देशवाल खाप के प्रधान चौ. संजय देशवाल, राष्ट्रीय संयोजक चौ. संदीप सहरावत एवं डॉ. जोगेंद्र मोर सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने युवाओं को शिक्षा, नैतिक मूल्यों, कौशल विकास, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
चिंतन सत्र में युवाओं में बढ़ती सामाजिक उदासीनता, परिवार एवं समाज के प्रति घटती संवेदनशीलता, ग्रामीण एवं शहरी जीवनशैली के प्रभाव तथा सामाजिक समरसता के विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने, गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा युवाओं को खेल, शिक्षा एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी सत्रों में 36 बिरादरी के भाईचारे को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही तथा समाज सुधार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रथम दिवस के सफल आयोजन पर सभी खाप प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया गया।