स्टडी लीव पर वेतन कटौती खत्म, हिमाचल सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

शिमला (Narendra Singh Danu) : हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए अध्ययन अवकाश (स्टडी लीव) से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सेवा के दौरान उच्च शिक्षा या विशेष प्रशिक्षण के लिए अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को अवकाश अवधि के दौरान 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा।

सरकार द्वारा केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम-56 में संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की गई है। पहले अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारियों को केवल 40 प्रतिशत वेतन के साथ महंगाई भत्ता और आवास भत्ता दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें पूरा वेतन प्रदान किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता में सुधार होगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा बजट 2026-27 में की गई घोषणा को लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

पुराने कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी पहले पुराने नियमों के तहत अध्ययन अवकाश पर जा चुके हैं, उन्हें भी इस संशोधन का लाभ दिया जाएगा। ऐसे मामलों में 40 प्रतिशत और पूर्ण वेतन के बीच की शेष राशि का भुगतान किया जाएगा।

शर्तों के साथ मिलेगी सुविधा
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को एक शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अध्ययन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या पार्ट-टाइम रोजगार से आर्थिक लाभ नहीं ले रहे हैं।

सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, उच्च शिक्षा और उन्नत प्रशिक्षण से कर्मचारियों की दक्षता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को बेहतर सेवाओं के रूप में मिलेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पहले ही एलोपैथिक चिकित्सकों के लिए अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन की सुविधा बहाल कर चुकी है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह फैसला न केवल कर्मचारियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा।