फरीदाबाद: फरीदाबाद में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने अहमदाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस मामले में एक वरिष्ठ नागरिक से खुद को CBI अधिकारी बताकर 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपये ठगे गए थे।
साइबर थाना सेंट्रल की टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात निवासी 78 वर्षीय बलदेव भाई बाबू भाई ब्रह्मभट्ट के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बलदेव ने अपने परिचित जयपुर निवासी अमित का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें करीब 32 लाख रुपये की ठगी राशि ट्रांसफर हुई थी। दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी। आरोपी ने अमित को अहमदाबाद बुलाकर लगभग 10 दिनों तक अपने पास रखा और खाते का उपयोग करवाया। खाते का संचालन बंद होने के बाद अमित को वापस भेज दिया गया। अमित को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
सेक्टर-85 निवासी पीड़ित के अनुसार, 30 मार्च को उसे एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को CBI अधिकारी बताया। ठगों ने दावा किया कि उसके नाम पर बेंगलुरु में एक बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे अपराधों में इस्तेमाल हो रहा है।
डर का माहौल बनाकर ठगों ने पीड़ित को गिरफ्तारी का भय दिखाया और उसकी संपत्ति व बैंक खातों की जांच के नाम पर रकम “सुरक्षित” खातों में ट्रांसफर करने को कहा। आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम का हवाला देकर ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने अप्रैल 2026 में अलग-अलग खातों में कुल 1.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसने संपर्क करने की कोशिश की, तो सभी नंबर बंद मिले।
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।