भाखड़ा बांध में पानी बढ़ने से कृषि को राहत, किसानों को ज्यादा सिंचाई की सलाह

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : धान रोपाई सीजन के बीच जल प्रबंधन को लेकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने पंजाब, हरियाणा समेत साझेदार राज्यों को सलाह दी है कि वे भाखड़ा जलाशय से सिंचाई के लिए अधिक पानी उठाएं, ताकि उपलब्ध जल का प्रभावी उपयोग हो सके।

चंडीगढ़ में हुई तकनीकी समिति की बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस समय जलाशय में पानी का स्तर सामान्य से काफी अधिक है और आने वाले दिनों में बर्फ पिघलने व मानसून के कारण जल प्रवाह और बढ़ सकता है। ऐसे में यदि अभी पानी का उपयोग नहीं किया गया तो बाद में अतिरिक्त जल प्रबंधन चुनौती बन सकता है।

आंकड़ों के अनुसार 9 जून को भाखड़ा जलाशय का स्तर 1,578.07 फीट दर्ज किया गया, जो न केवल पिछले वर्ष से 21 फीट अधिक है, बल्कि दीर्घकालिक औसत से भी काफी ऊपर है। जलाशय इस समय अपनी पूर्ण क्षमता से करीब 102 फीट नीचे है, लेकिन मौजूदा स्थिति में इसमें पहले से ही पर्याप्त जल भंडारण मौजूद है।

बीबीएमबी के मुताबिक, जलाशय में वर्तमान जीवित भंडारण 1.75 बीसीएम तक पहुंच चुका है, जो पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। वहीं, भराव क्षमता 31 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सामान्य स्तर से काफी ऊपर मानी जा रही है।

बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद राज्यों द्वारा अभी तक अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं लिया जा रहा है। फिलहाल जलाशय में पानी की आमद 13,748 क्यूसेक है, जबकि इससे अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

बीबीएमबी ने राज्यों को सलाह दी है कि वे वर्तमान जल उपलब्धता का पूरा उपयोग करें और साथ ही मानसून को देखते हुए जलाशय में संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाएं, ताकि बाढ़ या अतिरिक्त दबाव जैसी स्थिति से बचा जा सके।