हरियाणा सरकार का डिजिटल गवर्नेंस मॉडल मजबूत, सभी नियमों की होगी एकीकृत रिपॉजिटरी

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार सभी कानूनों, नियमों, आदेशों और नीतिगत दस्तावेजों की एक केंद्रीकृत डिजिटल ऑनलाइन रिपॉजिटरी तैयार करेगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से बुधवार को सभी प्रशासनिक सचिवों को जारी निर्देशों में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है। यह प्रणाली राज्य के सभी वैधानिक और नीतिगत दस्तावेजों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगी, जिससे उनकी खोज और उपयोग आसान हो सकेगा।

प्रस्तावित रिपॉजिटरी में अधिनियम, नियम, विनियम, सरकारी आदेश, परिपत्र और अधिसूचनाओं को क्षेत्रवार, विषयवार और अद्यतन तिथि के अनुसार वर्गीकृत किया जाएगा। इसमें सर्च सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से प्रमाणिक और नवीनतम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

निर्देशों के अनुसार सभी विभागों को अपने-अपने दस्तावेजों की संपादन योग्य (एमएस वर्ड) सॉफ्ट कॉपी तैयार कर 25 जून, 2026 तक उपलब्ध करानी होगी, ताकि पोर्टल पर इन्हें समय पर अपलोड किया जा सके।

इसके साथ ही सरकार ने नियामकीय ढांचे की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया भी शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य पुराने, अप्रासंगिक और दोहराव वाले नियमों को हटाकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।

समीक्षा के दौरान केवल उच्च जोखिम वाली गतिविधियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था रखने, अन्य मामलों में स्व-पंजीकरण को बढ़ावा देने, लाइसेंसों की आजीवन वैधता, परिणाम-आधारित नियमन, थर्ड पार्टी निरीक्षण और जोखिम-आधारित मॉनिटरिंग जैसे सुधार सिद्धांतों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को 3 जुलाई, 2026 तक इस समीक्षा से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।