चंडीगढ़: कैब किराया बढ़ोतरी की मांग को लेकर चंडीगढ़ में चल रहा कैब चालकों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को और तेज हो गया। सचिवालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे यूनियन नेताओं को पुलिस ने सेक्टर-3 में रोक दिया और बाद में थाने ले जाया गया।
ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन से बातचीत के दौरान पुलिस ने आश्वासन दिया है कि राज्यपाल से मुलाकात के लिए यूनियन के दो प्रतिनिधियों की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-25 में धरना जारी रखने का निर्णय लिया है, जहां रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस आंदोलन को अब ऑटो चालकों का भी समर्थन मिल गया है, जिससे शहर में वैकल्पिक परिवहन पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे हालात में यात्रियों के लिए मुख्य रूप से चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बस सेवाएं ही उपलब्ध विकल्प बची हैं।
सीटीयू की ओर से शहर और ट्राइसिटी क्षेत्र में 65 से अधिक रूटों पर नियमित बस संचालन किया जा रहा है। प्रमुख मार्गों पर 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध हैं, जबकि सेक्टर-17, सेक्टर-43, पीजीआई, सेक्टर-32 अस्पताल, हाई कोर्ट और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए सीधी कनेक्टिविटी बनी हुई है।
कैब यूनियन का कहना है कि सीएनजी और ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परिचालन लागत बढ़ गई है। इसी आधार पर वे किराया बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच, 16 जून को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को बुड्ढा दल निहंग सिंहों के समर्थन की घोषणा ने आंदोलन को और व्यापक रूप दे दिया है। समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से कैब चालकों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे आंदोलन को मजबूती मिल रही है।