हिसार में एमओयू से शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा

हिसार (Narednra Singh Danu) : गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ‘श्री अशोक सिंघल अध्ययन-शोध पीठ’ की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय चेतना के क्षेत्र में शिक्षा व शोध को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई है।

यह समझौता विश्वविद्यालय और सांस्कृतिक गौरव संस्थान, नई दिल्ली के बीच हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, सांस्कृतिक गौरव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, कुलसचिव डॉ. विजय कुमार तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओपी सांगवान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक शिक्षा और शोध से जोड़ना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन-शोध पीठ संस्कृत, वैदिक अध्ययन, सामाजिक समरसता और नीति-आधारित शोध को प्रोत्साहित करेगी तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगी।

कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने इस सहयोग को विश्वविद्यालय और समाज के बीच ज्ञान व मूल्यों के आदान-प्रदान को मजबूत करने वाला बताया। वहीं प्रो. ओपी सांगवान ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को देखते हुए यह पहल अंतरराष्ट्रीय शोध और अकादमिक सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।

सांस्कृतिक गौरव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने राष्ट्र निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण की भूमिका पर जोर दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और संस्थान से जुड़े कई शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।